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धारा 163 लागू होने के बाद सिद्दिकुल्ला ने वापस लिया एक करोड़ लोगों के जुटान का ऐलान
कोलकाता। दमदम हवाई अड्डे की सीमा के भीतर स्थित एक मस्जिद को स्थानांतरित किए जाने के विरोध में एक करोड़ लोगों के महा-जुटान का आह्वान करने वाले जमीयत उलेमा-ए-हिंद की राज्य इकाई के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सिद्दिकुल्ला चौधरी ने अपना प्रस्तावित कार्यक्रम आखिरकार वापस ले लिया है। शुक्रवार को होने वाले इस विशाल प्रदर्शन से ठीक पहले बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट ने बांकड़ा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी। इसके तहत चार या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया, जिसके बाद जमीयत नेता को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।
शुक्रवार दोपहर को सिद्दिकुल्ला चौधरी भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच बांकड़ा इलाके में पहुंचे और स्थानीय लोगों से संवाद किया। उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे पर बिधाननगर के पुलिस आयुक्त से मिलने की इच्छा जताई और पुलिस प्रशासन से मस्जिद परिसर में निर्धारित नमाज और जुटान की अनुमति मांगी। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि इस आयोजन के लिए कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई है और धारा 163 लागू होने के कारण किसी भी प्रकार के जमावड़े की इजाजत नहीं दी जा सकती। इसके बाद सिद्दिकुल्ला चौधरी ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि फिलहाल उनके विरोध प्रदर्शन को स्थगित किया जा रहा है और नमाज किसी अन्य स्थान पर अदा की जाएगी। यह पूरा विवाद दमदम एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा कारणों से मस्जिद में नमाज पर रोक लगाने के निर्देश के बाद उपजा था।
इस संवेदनशील मामले पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सरकार का रुख साफ करते हुए पहले ही कहा था कि राज्य प्रशासन किसी के भी धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं कर रहा है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और हवाई अड्डे के कड़े सुरक्षा मानक सर्वोपरि हैं, जिससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता। भले ही जमीयत ने अपना विरोध कार्यक्रम वापस ले लिया है, लेकिन बांकड़ा और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बेहद चाक-चौबंद रखी गई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में 250 से अधिक राज्य पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सुरक्षा बल (सीएपीएफ) की दो कंपनियां तैनात की गई हैं, जो लगातार गश्त कर रही हैं। इस घटनाक्रम के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा और धार्मिक गतिविधियों के आपसी संतुलन को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।